सतगुरु मेरे मीत है सतगुरु मेरी प्रीत सतगुरु तारणहार है सतगुरु मेरे राम श्री महंत कमलेशानन्द सरस्वती
हरिद्वार-भूपतवाला स्थित अखण्ड दया धाम साधु बेला रोड भूपतवाला हरिद्वार में एक विशाल संत समागम अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी महाराज की पावन तथा गरिमा मय उपस्थित के बीच संपन्न हुआ इस अवसर पर बोलते हुए श्री महंत परम पूज्य भास्करानन्द महाराज ने कहा संत महापुरुष इस पृथ्वी लोक पर ईश्वर के प्रतिनिधि के रूप में भक्तों को कल्याण का मार्ग दिखाने हेतु अवतरित होते हैं सतगुरु देव धर्म कर्म पूजा पाठ यज्ञ अनुष्ठान के माध्यम से भक्तों के जीवन को सार्थक कर देते हैं इस पृथ्वी लोक पर दान सत्कर्म से बड़ा कोई पुण्य नहीं और संत दर्शन से बड़ा कोई दर्शन नहीं संतो के दर्शन किसी तीर्थ से कम नहीं होते तीर्थ के दर्शन करने के लियें आपको स्वयं चलकर जाना पड़ता है किंतु एक संत के रूप में एक चलते फिरते तीर्थ के दर्शन आपको कभी भी कहीं भी हो जाते हैं यही मनुष्य जीवन की निधि है की सतगुरु उन्हें कभी भी कहीं भी दर्शन देकर अपने ज्ञान रूपी अमृत से उनके जीवन का उद्धार कर देते हैं इस अवसर पर बोलते हुए श्री महंत कमलेशानन्द सरस्वती महाराज ने कहा सतगुरु तारणहार है सतगुरु भव की नाव सतगुरु ही मझदार है और सतगुरु लगावे पार सतगुरु मेरे मीत है सतगुरु मेरी प्रीत सतगुरु तारणहार है सतगुरु मेरे राम यह जीवन कल्याणकारी भजन सुन कर श्री महंत कमलेशानन्द जी महाराज ने संपूर्ण वातावरण को भक्ति मय बना दिया इस अवसर पर महंत कैलाशानन्द महाराज महंत सत्यव्रतानन्द महाराज साध्वी कृष्णानंद सरस्वती महाराज श्री श्याम अग्रवाल श्री प्रेमचंद गोयल महंत राघवेंद्र दास महाराज सहित भारी संख्या में संत महापुरुष उपस्थित थे इस अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में सभी संत महापुरुषों तथा भक्तजनों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया
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