पहलगाम आतंकी हमले से प्रेरित होकर हरिद्वार के युवाओं ने उठाया देश सेवा का बीड़ा
लगभग 45 से 50 युवाओं को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, देशभक्ति की भावना से सराबोर हैं सभी प्रतिभागी
हरिद्वार। हाल ही में हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले से आहत होकर हरिद्वार के युवाओं ने एक नई शुरुआत की है — जिसमें वे न केवल स्वयं को तैयार कर रहे हैं, बल्कि अन्य युवाओं को भी देश की सुरक्षा व आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रशिक्षित कर रहे हैं।
इस मुहिम के तहत 15 दिनों में हरिद्वार के युवाओं को नियमित रूप से विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें 12 से 20,25 साल के युवाओं न बढ़ चढ़ के भाग लिया जिसमें इनकी शारीरिक फिटनेस, प्राथमिक सहायता, आपातकालीन प्रतिक्रिया तथा सामूहिक अनुशासन जैसे पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
प्रशिक्षकों ने दिखाया समर्पण, युवाओं ने लिया भविष्य निर्माण का संकल्प
इस प्रेरणादायक कार्यक्रम में प्रशिक्षण देने का कार्य अमन आर्य, इंदल आर्य और हिमांशु आर्य द्वारा किया जा रहा है। इन प्रशिक्षकों ने युवाओं को न केवल शारीरिक रूप से मज़बूत बनाने की दिशा में कार्य किया है, बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें देशभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने का प्रयास किया है।
इस अभियान को सफल बनाने में जेपी जुयाल, डॉ. अंकित आर्य, अमित चौहान, अवधेश गोयल, सुनील सैनी, अजय न्ययर, अमित गर्ग, डॉ. अशोक त्यागी आदि का भी अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इन सभी के प्रयासों से यह कार्यक्रम धीरे-धीरे एक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।
"अब चुप नहीं बैठेंगे": युवाओं में दिखा जोश और आत्मबल
इस पहल से जुड़े युवाओं ने कहा कि वे अब केवल बातें नहीं करेंगे, बल्कि देश के लिए कुछ करके दिखाएंगे। उनका उद्देश्य सिर्फ प्रशिक्षण लेना नहीं है, बल्कि अपने जैसे और युवाओं को जोड़ना और उन्हें एकजुट कर देशहित में योगदान देना है।
पहलगाम आतंकी हमले जैसी घटनाएँ जहां एक ओर देश को दर्द देती हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो उस दर्द को ताकत बना लेते हैं। हरिद्वार के ये युवा उसी प्रेरणा के प्रतीक हैं — जो आज सीख रहे हैं, कल सिखाएंगे, और आने वाले समय में देश की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाएंगे।
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